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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 7: कर्मोंके फलका वर्णन
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श्लोक 26
श्लोक
13.7.26
सर्वे तस्यादृता धर्मा यस्यैते त्रय आदृता:।
अनादृतास्तु यस्यैते सर्वास्तस्याफला: क्रिया:॥ २६॥
अनुवाद
जो इन तीनोंका आदर करता है, उसने सब धर्मोंका आदर कर लिया है और जो इन तीनोंका अनादर करता है, उसके सब यज्ञ आदि निष्फल हो जाते हैं ॥26॥
One who respects these three, has respected all the religions and one who disrespects these three, all his sacrifices etc. become fruitless. ॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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