Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.7.23: जैसे फूल और फल किसी की प्रेरणा के अभाव में भी अपने समय का उल्लंघन नहीं करते - वे उचित समय पर खिलने और फल देने लगते हैं, वैसे ही पहले किया गया कर्म भी उचित समय पर अपना फल देता है ॥ 23॥ | mahabharat अध्याय 13.7: कर्मोंके फलका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अचोद्यमानानि यथा पुष्पाणि च फलानि च।
स्वकालं नातिवर्तन्ते तथा कर्म पुरा कृतम्॥ २३॥
अनुवाद
जैसे फूल और फल किसी की प्रेरणा के अभाव में भी अपने समय का उल्लंघन नहीं करते - वे उचित समय पर खिलने और फल देने लगते हैं, वैसे ही पहले किया गया कर्म भी उचित समय पर अपना फल देता है ॥ 23॥
Just as flowers and fruits do not violate their time even in the absence of anyone's inspiration - they start blossoming and bearing fruits at the right time, similarly, the work done earlier also gives its fruits at the right time.॥ 23॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥