| श्री महाभारत » पर्व 13: अनुशासन पर्व » अध्याय 7: कर्मोंके फलका वर्णन » श्लोक 22 |
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| | | | श्लोक 13.7.22  | यथा धेनुसहस्रेषु वत्सो विन्दति मातरम्।
एवं पूर्वकृतं कर्म कर्तारमनुगच्छति॥ २२॥ | | | | | | अनुवाद | | जैसे बछड़ा हजारों गायों में अपनी माँ को खोज लेता है, वैसे ही पूर्व में किया हुआ कर्म कर्ता के साथ तादात्म्य स्थापित कर लेता है और उसका अनुसरण करता है ॥22॥ | | | | Just as a calf finds its mother among thousands of cows, similarly an action performed in the past identifies itself with the doer and follows him. ॥22॥ | | ✨ ai-generated | | |
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