श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 7: कर्मोंके फलका वर्णन  »  श्लोक 18
 
 
श्लोक  13.7.18 
सलिलाशीभवेद्यस्तु सदाग्नि: संस्कृतो द्विज:।
मनुं साधयतो राज्यं नाकपृष्ठमनाशके॥ १८॥
 
 
अनुवाद
जो ब्राह्मण सदा जल पीता है, अग्निहोत्र करता है और मन्त्र साधना में लगा रहता है, उसे राज्य मिलता है और निराहार व्रत करने वाला मनुष्य स्वर्ग को जाता है ॥18॥
 
A Brahmin who drinks water all the time, performs Agnihotra and is engaged in Mantra Sadhana gets a kingdom and by fasting without food a man goes to heaven. ॥18॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)