Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.7.16: महाराज! ऐसा कहा गया है कि जो मनुष्य मृत्युपर्यन्त उपवास करता है, उसे सर्वत्र सुख प्राप्त होता है। शाकाहार की दीक्षा लेने पर गोधन की प्राप्ति होती है और घास पर रहने वाला मनुष्य स्वर्ग जाता है। 16. | mahabharat अध्याय 13.7: कर्मोंके फलका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रायोपवेशिनो राजन् सर्वत्र सुखमुच्यते।
गवाढ्य: शाकदीक्षायां स्वर्गगामी तृणाशन:॥ १६॥
अनुवाद
महाराज! ऐसा कहा गया है कि जो मनुष्य मृत्युपर्यन्त उपवास करता है, उसे सर्वत्र सुख प्राप्त होता है। शाकाहार की दीक्षा लेने पर गोधन की प्राप्ति होती है और घास पर रहने वाला मनुष्य स्वर्ग जाता है। 16.
King! It has been said that there is happiness everywhere for the one who sits on a fast till death. On taking the initiation of vegetarianism, one gets cattle and a man who lives on grass goes to heaven. 16.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥