श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 69: अन्न और जलके दानकी महिमा  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  13.69.14 
देवानाममृतं ह्यन्नं नागानां च सुधा तथा।
पितॄणां च स्वधा प्रोक्ता पशूनां चापि वीरुध:॥ १४॥
 
 
अनुवाद
देवताओं का भोजन अमृत है, सर्पों का भोजन सुधा है, पितरों का भोजन स्वधा है और पशुओं का भोजन घास-लता आदि हैं ॥14॥
 
The food of the gods is nectar, the food of snakes is Sudha, the food of ancestors is Swadha and the food of animals is grass and creeper etc. 14॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas