Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.68.22-23h: देवताओं ने कहा, "प्रभो! हमारा कार्य पूर्ण हो गया। अब हम यथोचित दक्षिणा वाले यज्ञपुरुष का यज्ञ करेंगे। हिमालय के निकट का यह क्षेत्र सदैव ऋषियों और मुनियों से युक्त रहता है (अतः हमारा यज्ञ भी यहीं सम्पन्न होगा)।" | mahabharat अध्याय 13.68: जूता, शकट, तिल, भूमि, गौ और अन्नके दानका माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
देवताओं ने कहा, "प्रभो! हमारा कार्य पूर्ण हो गया। अब हम यथोचित दक्षिणा वाले यज्ञपुरुष का यज्ञ करेंगे। हिमालय के निकट का यह क्षेत्र सदैव ऋषियों और मुनियों से युक्त रहता है (अतः हमारा यज्ञ भी यहीं सम्पन्न होगा)।"
The gods said, "Lord! Our work is done. Now we will perform the Yajna of Yajnapurush who has sufficient Dakshina. This region near the Himalayas is always inhabited by sages and saints (so our Yajna will also be performed here)."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥