श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 67: सुवर्ण और जल आदि विभिन्न वस्तुओंके दानकी महिमा  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  13.67.3 
पानीयं परमं दानं दानानां मनुरब्रवीत्।
तस्मात् कूपांश्च वापीश्च तडागानि च खानयेत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
मनु जी ने कहा है कि ‘जल का दान अन्य सभी दानों से बढ़कर है।’ इसलिए कुएँ, बावड़ियाँ और तालाब खुदवाने चाहिए।
 
Manu ji has said that 'the donation of water is greater than all other donations.' Therefore, wells, stepwells and ponds should be dug. 3.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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