श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 67: सुवर्ण और जल आदि विभिन्न वस्तुओंके दानकी महिमा  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  13.67.19 
प्रदानं सर्वदानानां शकटस्य विशाम्पते।
एवमाह महाभाग: शाण्डिल्यो भगवानृषि:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
प्रजानाथ! महर्षि शाण्डिल्य कहते हैं कि 'बैलगाड़ी का दान उपर्युक्त सभी दानों के बराबर है।'
 
Prajanath! The great sage Shandilya says that 'The donation of a bullock cart is equal to all the above-mentioned donations.'
 
इति श्रीमहाभारते अनुशासनपर्वणि दानधर्मपर्वणि पञ्चषष्टितमोऽध्याय:॥ ६५॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत अनुशासनपर्वके अन्तर्गत दानधर्मपर्वमें पैंसठवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ६५॥

 
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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