Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.66.12: जो मनुष्य मघा नक्षत्र में तिलों से भरा हुआ अर्धचन्द्राकार पात्र दान करता है, वह इस लोक में पुत्रों और पशुओं से युक्त होकर परलोक में भी सुख भोगता है। 12॥ | mahabharat अध्याय 13.66: विभिन्न नक्षत्रोंके योगमें भिन्न-भिन्न वस्तुओंके दानका माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मघासु तिलपूर्णानि वर्धमानानि मानव:।
प्रदाय पुत्रपशुमानिह प्रेत्य च मोदते॥ १२॥
अनुवाद
जो मनुष्य मघा नक्षत्र में तिलों से भरा हुआ अर्धचन्द्राकार पात्र दान करता है, वह इस लोक में पुत्रों और पशुओं से युक्त होकर परलोक में भी सुख भोगता है। 12॥
The person who donates crescent vessels filled with sesame seeds in Magha Nakshatra, is blessed with sons and animals in this world and enjoys happiness in the next world also. 12॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥