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श्री महाभारत
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पर्व 13: अनुशासन पर्व
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अध्याय 65: अन्नदानका विशेष माहात्म्य
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श्लोक 38
श्लोक
13.65.38
तद् यदा मेघतो वारि पतितं भवति क्षितौ।
तदा वसुमती देवी स्निग्धा भवति भारत॥ ३८॥
अनुवाद
इस प्रकार जब बादलों से जल पृथ्वी पर गिरता है, तब पृथ्वी माता कोमल (गीली) हो जाती है। ॥38॥
In this manner, when water falls from the clouds on the earth, the Mother Earth becomes soft (wet). ॥ 38॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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