Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.65.24: जो मनुष्य इस लोक में सदैव अन्न, उत्तम स्थान और मिष्ठान्न का दान करता है, वह देवताओं द्वारा सम्मानित होता है और स्वर्ग में निवास करता है ॥24॥   |   mahabharat अध्याय 13.65: अन्नदानका विशेष माहात्म्य   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 65: अन्नदानका विशेष माहात्म्य  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  13.65.24 
दत्त्वा त्वन्नं नरो लोके तथा स्थानमनुत्तमम्।
नित्यं मिष्टान्नदायी तु स्वर्गे वसति सत्कृत:॥ २४॥
 
 
अनुवाद
जो मनुष्य इस लोक में सदैव अन्न, उत्तम स्थान और मिष्ठान्न का दान करता है, वह देवताओं द्वारा सम्मानित होता है और स्वर्ग में निवास करता है ॥24॥
 
The person who always donates food, good places and sweets in this world, is respected by the gods and lives in heaven. ॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)