Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.65.2: कौन-सी वस्तु देने से ब्राह्मण तुरन्त प्रसन्न हो जाते हैं? और प्रसन्न होने पर वे क्या देते हैं? हे महाबाहु! अब मुझे दान से होने वाले महान पुण्य का फल बताओ। 2॥ | mahabharat अध्याय 13.65: अन्नदानका विशेष माहात्म्य । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
केन तुष्यन्ति ते सद्य: किं तुष्टा: प्रदिशन्ति च।
शंस मे तन्महाबाहो फलं पुण्यकृतं महत्॥ २॥
अनुवाद
कौन-सी वस्तु देने से ब्राह्मण तुरन्त प्रसन्न हो जाते हैं? और प्रसन्न होने पर वे क्या देते हैं? हे महाबाहु! अब मुझे दान से होने वाले महान पुण्य का फल बताओ। 2॥
By giving which thing a Brahmin becomes instantly happy? And what do they give when they are happy? Great arms! Now tell me the result of the great virtue done by charity. 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥