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श्लोक 13.64.63  |
सर्वकामदुघां धेनुं सर्वकामगुणान्विताम्।
ददाति य: सहस्राक्ष स्वर्गं याति स मानव:॥ ६३॥ |
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| अनुवाद |
| सहस्राक्ष! जो सम्पूर्ण कामनाओं को देने वाली और समस्त इच्छित गुणों से युक्त कामधेनु रूपी पृथ्वी का दान करता है, वह मनुष्य स्वर्ग को जाता है॥63॥ |
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| Sahasraksh! The one who donates the earth in the form of Kamadhenu, which grants all the desires and is full of all the desired qualities, goes to human heaven. 63॥ |
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