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श्लोक 13.64.59  |
पञ्च पूर्वा हि पुरुषा: षडन्ये वसुधां गता:।
एकादश ददद्भूमिं परित्रातीह मानव:॥ ५९॥ |
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| अनुवाद |
| जो मनुष्य इस लोक में भूमि का दान करता है, वह अपने पाँच पीढ़ी तक के पितरों को और पृथ्वी पर आने वाली अपनी संतानों को छः पीढ़ी तक - इस प्रकार कुल ग्यारह पीढ़ियों तक - मुक्ति प्रदान करता है ॥59॥ |
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| A person who donates land in this world liberates his forefathers up to five generations and his children coming on earth up to six generations - thus a total of eleven generations. ॥ 59॥ |
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