श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 64: सब दानोंसे बढ़कर भूमिदानका महत्त्व तथा उसीके विषयमें इन्द्र और बृहस्पतिका संवाद  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  13.64.48 
आदित्यो वरुणो विष्णुर्ब्रह्मा सोमो हुताशन:।
शूलपाणिश्च भगवान‍् प्रतिनन्दन्ति भूमिदम्॥ ४८॥
 
 
अनुवाद
सूर्य, वरुण, विष्णु, ब्रह्मा, चन्द्रमा, अग्नि और भगवान शंकर- ये सभी भूमिदान करने वाले पुरुष को नमस्कार करते हैं॥48॥
 
Surya, Varun, Vishnu, Brahma, Moon, Agni and Lord Shankar – all of them greet the man who donates land. 48॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd