Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.63.7: यज्ञ में तुम सदाचारी, सदाचारी, तपस्वी, वेदों के ज्ञाता, मित्रवत और साधुवत ब्राह्मणों को धन देकर संतुष्ट करो।॥7॥ | mahabharat अध्याय 13.63: राजाके लिये यज्ञ, दान और ब्राह्मण आदि प्रजाकी रक्षाका उपदेश । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यज्ञ में तुम सदाचारी, सदाचारी, तपस्वी, वेदों के ज्ञाता, मित्रवत और साधुवत ब्राह्मणों को धन देकर संतुष्ट करो।॥7॥
In the Yagya, you should satisfy the well-mannered, virtuous, ascetic, knowledgeable about Vedas, friendly and saintly Brahmins by giving them money in the Yagya. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥