Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.62.16-17h: हे पुत्र, दोपहर के समय ब्राह्मणों को भोजन कराने तथा उन्हें गौ, स्वर्ण और वस्त्र देने से इन्द्रदेव तुम पर प्रसन्न होंगे।   |   mahabharat अध्याय 13.62: श्रेष्ठ अयाचक, धर्मात्मा, निर्धन एवं गुणवान‍्को दान देनेका विशेष फल   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 62: श्रेष्ठ अयाचक, धर्मात्मा, निर्धन एवं गुणवान‍्को दान देनेका विशेष फल  »  श्लोक 16-17h
 
 
श्लोक  13.62.16-17h 
माध्यन्दिनं ते सवनं ददतस्तात वर्तताम्॥ १६॥
गोहिरण्यानि वासांसि तेनेन्द्र: प्रीयतां तव।
 
 
अनुवाद
हे पुत्र, दोपहर के समय ब्राह्मणों को भोजन कराने तथा उन्हें गौ, स्वर्ण और वस्त्र देने से इन्द्रदेव तुम पर प्रसन्न होंगे।
 
Son, by feeding the brahmins at noon and by giving them cows, gold and clothes, may Lord Indra be pleased with you. 16 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)