Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.62.14-15h: जैसे किसान वर्षा की प्रतीक्षा करते हैं, वैसे ही घर की स्त्रियाँ भोजन की प्रतीक्षा करती हैं और बच्चों को यह कहकर सांत्वना देती हैं कि, 'तुम्हारे पिता शीघ्र ही भोजन लेकर आएँगे'; क्या ऐसे ब्राह्मण तुम्हारे यहाँ भोजन करके अपने घर चले गए हैं?॥14 1/2॥ | mahabharat अध्याय 13.62: श्रेष्ठ अयाचक, धर्मात्मा, निर्धन एवं गुणवान्को दान देनेका विशेष फल । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जैसे किसान वर्षा की प्रतीक्षा करते हैं, वैसे ही घर की स्त्रियाँ भोजन की प्रतीक्षा करती हैं और बच्चों को यह कहकर सांत्वना देती हैं कि, 'तुम्हारे पिता शीघ्र ही भोजन लेकर आएँगे'; क्या ऐसे ब्राह्मण तुम्हारे यहाँ भोजन करके अपने घर चले गए हैं?॥14 1/2॥
Just as farmers wait for the rain, similarly the women of the houses wait for the food and console the children by saying, 'Your father will soon bring food'; have such Brahmins eaten at your place and gone to their homes?॥ 14 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥