Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.61.25: युधिष्ठिर, 'मेरे पास धन है, मैं बलवान हूँ और मैं राजा हूँ' ऐसा सोचकर तुम्हें ब्राह्मणों की उपेक्षा करनी चाहिए तथा स्वयं भी अन्न और वस्त्र नहीं ग्रहण करना चाहिए। 25. | mahabharat अध्याय 13.61: भीष्मद्वारा उत्तम दान तथा उत्तम ब्राह्मणोंकी प्रशंसा करते हुए उनके सत्कारका उपदेश । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अस्ति मे बलवानस्मि राजास्मीति युधिष्ठिर।
ब्राह्मणान् मा च पर्यश्नीर्वासोभिरशनेन च॥ २५॥
अनुवाद
युधिष्ठिर, 'मेरे पास धन है, मैं बलवान हूँ और मैं राजा हूँ' ऐसा सोचकर तुम्हें ब्राह्मणों की उपेक्षा करनी चाहिए तथा स्वयं भी अन्न और वस्त्र नहीं ग्रहण करना चाहिए। 25.
Yudhishthira, thinking that 'I have wealth, I am strong and I am a king' you should ignore the brahmins and not consume food and clothes yourself. 25.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥