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श्लोक  13.61.2 
कौतूहलं हि परमं तत्र मे विद्यते प्रभो।
दातारं दत्तमन्वेति यद् दानं तत् प्रचक्ष्व मे॥ २॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! मैं इस विषय में बहुत जिज्ञासु हूँ; अतः कृपया मुझे वह दान बताइये जिसका पुण्य दाता के साथ-साथ चलता है।
 
O Lord, I am very curious about this matter; therefore, please tell me the charity whose virtue follows the donor.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)