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mahabharat 13.60.6: बुद्धिमान पुरुष कहते हैं कि देश या गाँव में तालाब बनाने से धर्म, अर्थ और काम तीनों फल प्राप्त होते हैं और तालाब से सुशोभित स्थान समस्त प्राणियों के लिए उत्तम आश्रय होता है ॥6॥   |   mahabharat अध्याय 13.60: जलाशय बनानेका तथा बगीचे लगानेका फल   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 60: जलाशय बनानेका तथा बगीचे लगानेका फल  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  13.60.6 
धर्मस्यार्थस्य कामस्य फलमाहुर्मनीषिण:।
तडागसुकृतं देशे क्षेत्रमेकं महाश्रयम्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
बुद्धिमान पुरुष कहते हैं कि देश या गाँव में तालाब बनाने से धर्म, अर्थ और काम तीनों फल प्राप्त होते हैं और तालाब से सुशोभित स्थान समस्त प्राणियों के लिए उत्तम आश्रय होता है ॥6॥
 
Wise men say that construction of a pond in a country or village gives the fruits of Dharma, Artha and Kama (desire), and the place beautified by a pond is a great shelter for all living beings. ॥ 6॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)