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mahabharat 13.60.24: ये वृक्षों की प्रजातियाँ हैं। अब यहाँ इनके रोपण के लाभों का वर्णन किया जाता है। जो व्यक्ति वृक्ष लगाता है, वह इस लोक में यशस्वी रहता है और मृत्यु के बाद उसे उत्तम शुभ फल प्राप्त होते हैं ॥24॥   |   mahabharat अध्याय 13.60: जलाशय बनानेका तथा बगीचे लगानेका फल   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 60: जलाशय बनानेका तथा बगीचे लगानेका फल  »  श्लोक 24
 
 
श्लोक  13.60.24 
एता जात्यस्तु वृक्षाणां तेषां रोपे गुणास्त्विमे।
कीर्तिश्च मानुषे लोके प्रेत्य चैव फलं शुभम्॥ २४॥
 
 
अनुवाद
ये वृक्षों की प्रजातियाँ हैं। अब यहाँ इनके रोपण के लाभों का वर्णन किया जाता है। जो व्यक्ति वृक्ष लगाता है, वह इस लोक में यशस्वी रहता है और मृत्यु के बाद उसे उत्तम शुभ फल प्राप्त होते हैं ॥24॥
 
These are the species of trees. Now the benefits of planting them are described here. The person who plants a tree remains famous in this world and after death he gets excellent auspicious results. ॥ 24॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)