Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.60.2: भीष्म बोले - 'हे राजन! जो भूमि देखने में सुन्दर हो, जिसकी मिट्टी पुष्ट हो और बहुत अन्न उत्पन्न करने वाली हो, जो विचित्र और अनेक धातुओं से सुशोभित हो तथा जहाँ समस्त जीव निवास करते हों, वह भूमि यहाँ सर्वश्रेष्ठ मानी गई है॥ 2॥ | mahabharat अध्याय 13.60: जलाशय बनानेका तथा बगीचे लगानेका फल । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म बोले - 'हे राजन! जो भूमि देखने में सुन्दर हो, जिसकी मिट्टी पुष्ट हो और बहुत अन्न उत्पन्न करने वाली हो, जो विचित्र और अनेक धातुओं से सुशोभित हो तथा जहाँ समस्त जीव निवास करते हों, वह भूमि यहाँ सर्वश्रेष्ठ मानी गई है॥ 2॥
Bhishma said, 'O King! The land which is beautiful to look at, where the soil is strong and produces a lot of food grains, which is decorated with strange and many metals and where all living beings reside, that land is considered the best here.॥ 2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥