vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 6: दैवकी अपेक्षा पुरुषार्थकी श्रेष्ठताका वर्णन
»
श्लोक 3
श्लोक
13.6.3
दैवमानुषयो: किंस्वित् कर्मणो: श्रेष्ठमित्युत।
पुरा वसिष्ठो भगवान् पितामहमपृच्छत॥ ३॥
अनुवाद
प्राचीन काल की कथा है, भगवान वशिष्ठ ने जगत के पितामह ब्रह्माजी से पूछा - 'प्रभो! ईश्वर और पुरुषार्थ में श्रेष्ठ कौन है?'॥
It is a story of ancient times, Lord Vashishtha asked Lord Brahma, the great father of the world – 'Lord! Who is superior between God and effort?' 3॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×