श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 6: दैवकी अपेक्षा पुरुषार्थकी श्रेष्ठताका वर्णन  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  13.6.3 
दैवमानुषयो: किंस्वित् कर्मणो: श्रेष्ठमित्युत।
पुरा वसिष्ठो भगवान‍् पितामहमपृच्छत॥ ३॥
 
 
अनुवाद
प्राचीन काल की कथा है, भगवान वशिष्ठ ने जगत के पितामह ब्रह्माजी से पूछा - 'प्रभो! ईश्वर और पुरुषार्थ में श्रेष्ठ कौन है?'॥
 
It is a story of ancient times, Lord Vashishtha asked Lord Brahma, the great father of the world – 'Lord! Who is superior between God and effort?' 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)