श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 59: विविध प्रकारके तप और दानोंका फल  »  श्लोक 23
 
 
श्लोक  13.59.23 
गन्धमाल्यप्रदानेन कीर्तिर्भवति पुष्कला।
केशश्मश्रु धारयतामग्रॺा भवति संतति:॥ २३॥
 
 
अनुवाद
‘गंध और पुष्पमाला का दान करने से अपार यश की प्राप्ति होती है। जिनके बाल सफेद होते हैं, दाढ़ी-मूंछ होती है, उन्हें उत्तम संतान प्राप्त होती है।’ 23॥
 
‘Donating fragrance and flower garlands brings immense fame. Those who wear gray hair and beard and mustache get the best children. 23॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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