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श्लोक 13.58.6  |
कंचित् कालं तु वह्निं च स एव शमयिष्यति।
समुद्रे वडवावक्त्रे प्रक्षिप्य मुनिसत्तम:॥ ६॥ |
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| अनुवाद |
| कुछ समय बाद महामुनि और्व उस अग्नि को समुद्र में स्थित प्रचण्ड अग्नि में डालकर बुझा देंगे ॥6॥ |
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| After some time the great sage Aurva will extinguish that fire by putting it into the huge fire situated in the ocean. ॥ 6॥ |
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