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mahabharat 13.58.10: धर्मात्मा! श्रेष्ठ! वे धनवान लोग तुम्हारे कुल की उन्नति के लिए तुम्हारे कुल की कन्या से विवाह करेंगे ॥10॥   |   mahabharat अध्याय 13.58: च्यवन ऋषिका भृगुवंशी और कुशिकवंशियोंके सम्बन्धका कारण बताकर तीर्थयात्राके लिये प्रस्थान   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.58.10 
कुलात् तु तव धर्मात्मन् कन्यां सोऽधिगमिष्यति।
उद्भावनार्थं भवतो वंशस्य नृपसत्तम॥ १०॥
 
 
अनुवाद
धर्मात्मा! श्रेष्ठ! वे धनवान लोग तुम्हारे कुल की उन्नति के लिए तुम्हारे कुल की कन्या से विवाह करेंगे ॥10॥
 
Righteous! The best! Those rich people will marry the daughter of your clan for the progress of your clan. 10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)