Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.56.2: वहाँ पहुँचकर राजा ने एक सुन्दर महल देखा, जो पूर्णतः सोने का बना था, जिसमें रत्नजड़ित हजारों खंभे थे और अपनी भव्यता के कारण वह गंधर्वनगर जैसा प्रतीत हो रहा था। | mahabharat अध्याय 13.56: महर्षि च्यवनके प्रभावसे राजा कुशिक और उनकी रानीको अनेक आश्चर्यमय दृश्योंका दर्शन एवं च्यवन मुनिका प्रसन्न होकर राजाको वर माँगनेके लिये कहना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वहाँ पहुँचकर राजा ने एक सुन्दर महल देखा, जो पूर्णतः सोने का बना था, जिसमें रत्नजड़ित हजारों खंभे थे और अपनी भव्यता के कारण वह गंधर्वनगर जैसा प्रतीत हो रहा था।
Reaching there, the king saw a beautiful palace, which was completely made of gold. It had thousands of pillars studded with gems and it looked like a Gandharvanagar because of its splendor.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥