Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.56.11-13h: राजा ने देखा कि मनुष्यों की तरह बोलने वाले तोते और मैनाएँ चहचहा रहे हैं। पक्षीराज, चींटियों का राजा, कोयल, शतपत्र, कोयष्ठी, कुक्कुभ, मोर, काक, दत्यूष, जीवजीवक, चकोर, बन्दर, हंस, सारस और चक्रवाक, ये सभी प्रसन्नतापूर्वक विचरण कर रहे हैं। | mahabharat अध्याय 13.56: महर्षि च्यवनके प्रभावसे राजा कुशिक और उनकी रानीको अनेक आश्चर्यमय दृश्योंका दर्शन एवं च्यवन मुनिका प्रसन्न होकर राजाको वर माँगनेके लिये कहना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा ने देखा कि मनुष्यों की तरह बोलने वाले तोते और मैनाएँ चहचहा रहे हैं। पक्षीराज, चींटियों का राजा, कोयल, शतपत्र, कोयष्ठी, कुक्कुभ, मोर, काक, दत्यूष, जीवजीवक, चकोर, बन्दर, हंस, सारस और चक्रवाक, ये सभी प्रसन्नतापूर्वक विचरण कर रहे हैं।
The king saw that parrots and mynas, which spoke like humans, were chirping. The king of birds, the king of the ants, the cuckoo, the shata-patra, the koyashti, the kukkubh, the peacock, the cock, the datyuh, the jeevjeevak, the chakor, the monkey, the swan, the crane and the chakravaka, were all roaming around happily.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥