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mahabharat 13.56.10: सोने और रत्नजटित पलंगों पर बहुमूल्य बिस्तर बिछाए गए थे। असंख्य खाद्य पदार्थ विभिन्न स्थानों पर रखे गए थे।   |   mahabharat अध्याय 13.56: महर्षि च्यवनके प्रभावसे राजा कुशिक और उनकी रानीको अनेक आश्चर्यमय दृश्योंका दर्शन एवं च्यवन मुनिका प्रसन्न होकर राजाको वर माँगनेके लिये कहना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 56: महर्षि च्यवनके प्रभावसे राजा कुशिक और उनकी रानीको अनेक आश्चर्यमय दृश्योंका दर्शन एवं च्यवन मुनिका प्रसन्न होकर राजाको वर माँगनेके लिये कहना  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  13.56.10 
पर्यङ्कान् रत्नसौवर्णान् परार्घ्यास्तरणावृतान्।
भक्ष्यं भोज्यमनन्तं च तत्र तत्रोपकल्पितम्॥ १०॥
 
 
अनुवाद
सोने और रत्नजटित पलंगों पर बहुमूल्य बिस्तर बिछाए गए थे। असंख्य खाद्य पदार्थ विभिन्न स्थानों पर रखे गए थे।
 
Precious beddings were spread on beds studded with gold and jewels. Innumerable edible items were kept in various places.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)