Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.55.43: पचास रातों तक उपवास करने के कारण वे बहुत दुबले हो गए थे, उनके सारे शरीर कांप रहे थे; फिर भी उस वीर दम्पति ने किसी प्रकार साहसपूर्वक उस विशाल रथ का भार उठाया। | mahabharat अध्याय 13.55: च्यवन मुनिके द्वारा राजा-रानीके धैर्यकी परीक्षा और उनकी सेवासे प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पचास रातों तक उपवास करने के कारण वे बहुत दुबले हो गए थे, उनके सारे शरीर कांप रहे थे; फिर भी उस वीर दम्पति ने किसी प्रकार साहसपूर्वक उस विशाल रथ का भार उठाया।
Having fasted for fifty nights they had become very thin, their whole bodies were trembling; yet the valiant couple somehow courageously carried the load of that huge chariot.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥