Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.55.42: अचानक ऋषि ने एक कोड़ा उठाया और उनकी पीठ पर ज़ोर से मारा। कोड़े की नोक बहुत तेज़ थी। राजा और रानी की पीठ और कमर पर घाव हो गए। फिर भी वे बिना किसी भावना के रथ खींचते रहे। 42. | mahabharat अध्याय 13.55: च्यवन मुनिके द्वारा राजा-रानीके धैर्यकी परीक्षा और उनकी सेवासे प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अचानक ऋषि ने एक कोड़ा उठाया और उनकी पीठ पर ज़ोर से मारा। कोड़े की नोक बहुत तेज़ थी। राजा और रानी की पीठ और कमर पर घाव हो गए। फिर भी वे बिना किसी भावना के रथ खींचते रहे। 42.
Suddenly the sage picked up a whip and hit them hard on their backs. The tip of the whip was very sharp. The king and queen were wounded on their backs and waists. Even then they continued to pull the chariot without any emotion. 42.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥