Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.55.35-36: राजा के ऐसा पूछने पर भगवान च्यवन मुनि ने उनसे कहा, 'तुम लोग यहाँ से बहुत धीरे-धीरे, एक-एक कदम चलकर चलो। ध्यान रहे कि मुझे चोट न लगे। तुम दोनों को मेरी इच्छानुसार चलना होगा। तुम दोनों इस रथ को इस प्रकार ले चलो कि मुझे अधिक सुविधा हो और सब लोग देख सकें।॥ 35-36॥ | mahabharat अध्याय 13.55: च्यवन मुनिके द्वारा राजा-रानीके धैर्यकी परीक्षा और उनकी सेवासे प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
राजा के ऐसा पूछने पर भगवान च्यवन मुनि ने उनसे कहा, 'तुम लोग यहाँ से बहुत धीरे-धीरे, एक-एक कदम चलकर चलो। ध्यान रहे कि मुझे चोट न लगे। तुम दोनों को मेरी इच्छानुसार चलना होगा। तुम दोनों इस रथ को इस प्रकार ले चलो कि मुझे अधिक सुविधा हो और सब लोग देख सकें।॥ 35-36॥
When the king asked this, Lord Chyavan Muni told them, 'You should walk very slowly from here, one step at a time. Keep in mind that I should not be hurt. Both of you will have to move according to my wish. You both should take this chariot in such a way that I get more comfort and everyone can see.॥ 35-36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥