Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.55.21-22: ये सभी वस्तुएँ च्यवन ऋषि के समक्ष परोसी गईं। ऋषि ने उन सभी को ले लिया और उन्हें, साथ ही शय्या और आसन को भी सुंदर वस्त्रों से ढक दिया। इसके बाद भृगु नंदन च्यवन ने उन वस्त्रों को भोजन सामग्री सहित अग्नि में डाल दिया। 21-22. | mahabharat अध्याय 13.55: च्यवन मुनिके द्वारा राजा-रानीके धैर्यकी परीक्षा और उनकी सेवासे प्रसन्न होकर उन्हें आशीर्वाद देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ये सभी वस्तुएँ च्यवन ऋषि के समक्ष परोसी गईं। ऋषि ने उन सभी को ले लिया और उन्हें, साथ ही शय्या और आसन को भी सुंदर वस्त्रों से ढक दिया। इसके बाद भृगु नंदन च्यवन ने उन वस्त्रों को भोजन सामग्री सहित अग्नि में डाल दिया। 21-22.
All these items were served before the sage Chyavana. The sage took all of them and covered them as well as the bed and seat with beautiful clothes. After this Bhrigu Nandan Chyavana set fire to those clothes along with the food items. 21-22.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥