श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 54: राजा कुशिक और उनकी रानीके द्वारा महर्षि च्यवनकी सेवा  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  13.54.7 
भीष्म उवाच
अत्राप्युदाहरन्तीममितिहासं पुरातनम्।
च्यवनस्य च संवादं कुशिकस्य च भारत॥ ७॥
 
 
अनुवाद
भीष्म बोले, 'भारत! इस प्रसंग में महर्षि च्यवन और राजा कुशिक के संवाद रूपी इस प्राचीन इतिहास का उदाहरण दिया जाता है।॥7॥
 
Bhishma said, 'Bharata! In this context, the example of this ancient history in the form of the dialogue between Maharishi Chyavan and King Kushik is given. ॥ 7॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)