Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.54.19: उनके ऐसा कहने पर भृगुपुत्र च्यवन मन में बहुत प्रसन्न हुए और कुशिक से इस प्रकार बोले:   |   mahabharat अध्याय 13.54: राजा कुशिक और उनकी रानीके द्वारा महर्षि च्यवनकी सेवा   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 54: राजा कुशिक और उनकी रानीके द्वारा महर्षि च्यवनकी सेवा  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  13.54.19 
एवमुक्ते ततो वाक्ये च्यवनो भार्गवस्तदा।
कुशिकं प्रत्युवाचेदं मुदा परमया युत:॥ १९॥
 
 
अनुवाद
उनके ऐसा कहने पर भृगुपुत्र च्यवन मन में बहुत प्रसन्न हुए और कुशिक से इस प्रकार बोले:
 
On his saying this, Bhrigu's son Chyavana became very happy in his heart and spoke to Kushika as follows:
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)