Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.53.d1-22: महाराज! ब्राह्मण और गौएँ एक ही कुल के हैं, परन्तु उनके दो रूप हो गए हैं। एक स्थान पर मंत्र हैं और दूसरे स्थान पर हवि हैं। पुरुषसिंह! ब्राह्मण सब वर्णों में श्रेष्ठ हैं। उनका और गौओं का कोई मूल्य नहीं है; अतः आप उनके बदले में एक गौ देने की कृपा करें।॥22॥   |   mahabharat अध्याय 13.53: राजा नहुषका एक गौके मोलपर च्यवन मुनिको खरीदना, मुनिके द्वारा गौओंका माहात्म्य-कथन तथा मत्स्यों और मल्लाहोंकी सद्‍गति   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 53: राजा नहुषका एक गौके मोलपर च्यवन मुनिको खरीदना, मुनिके द्वारा गौओंका माहात्म्य-कथन तथा मत्स्यों और मल्लाहोंकी सद्‍गति  »  श्लोक d1-22
 
 
श्लोक  13.53.d1-22 
(ब्राह्मणानां गवां चैव कुलमेकं द्विधा कृतम्।
एकत्र मन्त्रास्तिष्ठन्ति हविरन्यत्र तिष्ठति॥ )
अनर्घेया महाराज द्विजा वर्णेषु चोत्तमा:।
गावश्च पुरुषव्याघ्र गौर्मूल्यं परिकल्प्यताम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
महाराज! ब्राह्मण और गौएँ एक ही कुल के हैं, परन्तु उनके दो रूप हो गए हैं। एक स्थान पर मंत्र हैं और दूसरे स्थान पर हवि हैं। पुरुषसिंह! ब्राह्मण सब वर्णों में श्रेष्ठ हैं। उनका और गौओं का कोई मूल्य नहीं है; अतः आप उनके बदले में एक गौ देने की कृपा करें।॥22॥
 
‘Maharaj! Brahmins and cows belong to the same clan, but they have been divided into two forms. In one place are the mantras and in the other place are the offerings. Purushsingh! Brahmins are the best among all the castes. There is no price for them and cows; therefore, please give one cow in exchange for them.’॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)