Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.53.8: नहुष ने कहा - ब्रह्मन्! इन निषादों को एक लाख मुद्राएँ दे दीजिए। (इस प्रकार पुरोहित को आदेश देकर उसने ऋषि से कहा -) प्रभु! क्या यही आपका उचित मूल्य हो सकता है या अब आप कुछ और भी देना चाहते हैं? | mahabharat अध्याय 13.53: राजा नहुषका एक गौके मोलपर च्यवन मुनिको खरीदना, मुनिके द्वारा गौओंका माहात्म्य-कथन तथा मत्स्यों और मल्लाहोंकी सद्गति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नहुष ने कहा - ब्रह्मन्! इन निषादों को एक लाख मुद्राएँ दे दीजिए। (इस प्रकार पुरोहित को आदेश देकर उसने ऋषि से कहा -) प्रभु! क्या यही आपका उचित मूल्य हो सकता है या अब आप कुछ और भी देना चाहते हैं?
Nahush said - Brahmin! Give these Nishads one lakh coins. (Thus, after ordering the priest, he said to the sage -) Lord! Can this be your fair price or do you want to give something else now?
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥