Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.53.6: तब नहुष ने अपने पुरोहित से कहा - पुरोहितजी! भृगु नन्दन च्यवनजी की आज्ञा के अनुसार इन पूज्य ऋषि के मूल्य के रूप में मल्लाहों को एक हजार स्वर्ण मुद्राएँ दे दीजिए। | mahabharat अध्याय 13.53: राजा नहुषका एक गौके मोलपर च्यवन मुनिको खरीदना, मुनिके द्वारा गौओंका माहात्म्य-कथन तथा मत्स्यों और मल्लाहोंकी सद्गति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तब नहुष ने अपने पुरोहित से कहा - पुरोहितजी! भृगु नन्दन च्यवनजी की आज्ञा के अनुसार इन पूज्य ऋषि के मूल्य के रूप में मल्लाहों को एक हजार स्वर्ण मुद्राएँ दे दीजिए।
Then Nahusha said to his priest - Priestji! As per the orders of Bhrigu Nandan Chyavanji, give one thousand gold coins to the boatmen as the price for this revered sage.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥