Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.53.36: हे पुण्यात्मा! जैसे अग्निदेव सम्पूर्ण हविओं को भस्म कर देते हैं, वैसे ही आप भी हमारे दोषों और दुर्गुणों को भस्म करने वाली तेजस्वी अग्निस्वरूप हैं ॥ 36॥ | mahabharat अध्याय 13.53: राजा नहुषका एक गौके मोलपर च्यवन मुनिको खरीदना, मुनिके द्वारा गौओंका माहात्म्य-कथन तथा मत्स्यों और मल्लाहोंकी सद्गति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पुण्यात्मा! जैसे अग्निदेव सम्पूर्ण हविओं को भस्म कर देते हैं, वैसे ही आप भी हमारे दोषों और दुर्गुणों को भस्म करने वाली तेजस्वी अग्निस्वरूप हैं ॥ 36॥
O virtuous one! Just as the fire-god absorbs all the offerings, in the same way you too are in the form of a majestic fire that burns away our faults and bad habits. ॥ 36॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥