Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.53.35: इसके बाद निषादों ने कहा - मुनि! सज्जनों से मित्रता सात कदम चलने मात्र से हो जाती है। हमने आपके दर्शन किए हैं और आपने इतनी देर तक हमसे बातचीत की है; अतः हे प्रभु! आप हम पर कृपा करें॥ 35॥ | mahabharat अध्याय 13.53: राजा नहुषका एक गौके मोलपर च्यवन मुनिको खरीदना, मुनिके द्वारा गौओंका माहात्म्य-कथन तथा मत्स्यों और मल्लाहोंकी सद्गति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके बाद निषादों ने कहा - मुनि! सज्जनों से मित्रता सात कदम चलने मात्र से हो जाती है। हमने आपके दर्शन किए हैं और आपने इतनी देर तक हमसे बातचीत की है; अतः हे प्रभु! आप हम पर कृपा करें॥ 35॥
After this the Nishads said - Muni! Friendship is made with gentlemen by merely walking seven steps. We have seen you and you have talked with us for so long; therefore, Lord! Please be kind to us.॥ 35॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥