Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.53.20: महर्षि! मैं अपने मंत्री और पुरोहित सहित संकटों के अथाह सागर में डूब रहा हूँ। आप नौका बनकर मुझे पार लगाएँ। कृपया उनका मूल्य निर्धारित करें। | mahabharat अध्याय 13.53: राजा नहुषका एक गौके मोलपर च्यवन मुनिको खरीदना, मुनिके द्वारा गौओंका माहात्म्य-कथन तथा मत्स्यों और मल्लाहोंकी सद्गति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
महर्षि! मैं अपने मंत्री और पुरोहित सहित संकटों के अथाह सागर में डूब रहा हूँ। आप नौका बनकर मुझे पार लगाएँ। कृपया उनका मूल्य निर्धारित करें।
Maharishi! I am drowning in a deep ocean of troubles along with my minister and priest. You become a boat and take me across. Please decide their worth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥