Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.53.18: नहुष बोले, "हे प्रभु! कृपया मुझे भृगुपुत्र च्यवन ऋषि का वह मूल्य बताइए जो उसके योग्य हो और ऐसा करके मुझे, मेरे कुल को तथा मेरे समस्त राज्य को इस विपत्ति से बचाइए।" 18. | mahabharat अध्याय 13.53: राजा नहुषका एक गौके मोलपर च्यवन मुनिको खरीदना, मुनिके द्वारा गौओंका माहात्म्य-कथन तथा मत्स्यों और मल्लाहोंकी सद्गति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नहुष उवाच
ब्रवीतु भगवान् मूल्यं महर्षे: सदृशं भृगो:।
परित्रायस्व मामस्मद्विषयं च कुलं च मे॥ १८॥
अनुवाद
नहुष बोले, "हे प्रभु! कृपया मुझे भृगुपुत्र च्यवन ऋषि का वह मूल्य बताइए जो उसके योग्य हो और ऐसा करके मुझे, मेरे कुल को तथा मेरे समस्त राज्य को इस विपत्ति से बचाइए।" 18.
Nahusha said, "O Lord! Please tell me the price of Bhrigu's son, the sage Cyavana, which is worthy of him and by doing so save me, my clan and my entire kingdom from this calamity." 18.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥