Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.53.15-16h: इतने में ही एक अन्य वनवासी ऋषि, जो कंद-मूल और फल-फूल खाकर जीवनयापन करते थे और गौ के गर्भ से उत्पन्न हुए थे, राजा नहुष के पास आये। उस श्रेष्ठ ब्राह्मण ने उनसे कहा: ॥15 1/2॥ | mahabharat अध्याय 13.53: राजा नहुषका एक गौके मोलपर च्यवन मुनिको खरीदना, मुनिके द्वारा गौओंका माहात्म्य-कथन तथा मत्स्यों और मल्लाहोंकी सद्गति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इतने में ही एक अन्य वनवासी ऋषि, जो कंद-मूल और फल-फूल खाकर जीवनयापन करते थे और गौ के गर्भ से उत्पन्न हुए थे, राजा नहुष के पास आये। उस श्रेष्ठ ब्राह्मण ने उनसे कहा: ॥15 1/2॥
Meanwhile, another forest-dwelling sage, who lived on roots and fruits and was born from the womb of a cow, came to King Nahush. That great Brahmin addressed him and said: ॥15 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥