Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.53.14: भीष्म कहते हैं - युधिष्ठिर! मुनि के ये वचन सुनकर राजा नहुष दुःखी हो गये और अपने मन्त्रियों तथा पुरोहितों के साथ इस विषय पर विचार करने लगे। | mahabharat अध्याय 13.53: राजा नहुषका एक गौके मोलपर च्यवन मुनिको खरीदना, मुनिके द्वारा गौओंका माहात्म्य-कथन तथा मत्स्यों और मल्लाहोंकी सद्गति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म कहते हैं - युधिष्ठिर! मुनि के ये वचन सुनकर राजा नहुष दुःखी हो गये और अपने मन्त्रियों तथा पुरोहितों के साथ इस विषय पर विचार करने लगे।
Bhishma says - Yudhishthira! On hearing these words of the sage, King Nahush became sad and began to discuss this matter with his ministers and priests.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥