Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.52.11-12: हे पराक्रमी राजा! इस प्रकार उन्होंने कई दिन जल में बिताए। फिर एक दिन मछली पकड़कर जीविका चलाने वाले कई मछुआरे मछलियाँ पकड़ने के लिए हाथ में जाल लेकर उस स्थान पर आ पहुँचे। | mahabharat अध्याय 13.52: गौओंकी महिमाके प्रसंगमें च्यवन मुनिके उपाख्यानका आरम्भ, मुनिका मत्स्योंके साथ जालमें फँसकर जलसे बाहर आना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे पराक्रमी राजा! इस प्रकार उन्होंने कई दिन जल में बिताए। फिर एक दिन मछली पकड़कर जीविका चलाने वाले कई मछुआरे मछलियाँ पकड़ने के लिए हाथ में जाल लेकर उस स्थान पर आ पहुँचे।
O mighty king! In this manner they spent many days in the water. Then one day many fishermen who made their living from fishing decided to catch fish and came to that place with nets in their hands.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥