Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.51.20: भीष्म बोले - युधिष्ठिर! जो बालक अपने माता-पिता द्वारा मार्ग में त्याग दिए गए हों तथा जिनके माता-पिता बहुत प्रयत्न करने पर भी न मिल सकें, उनका पालन-पोषण करता है, वह उनका कृत्रिम पुत्र माना जाता है। | mahabharat अध्याय 13.51: नाना प्रकारके पुत्रोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
मातापितृभ्यां यस्त्यक्त: पथि यस्तं प्रकल्पयेत्।
न चास्य मातापितरौ ज्ञायेतां स हि कृत्रिम:॥ २०॥
अनुवाद
भीष्म बोले - युधिष्ठिर! जो बालक अपने माता-पिता द्वारा मार्ग में त्याग दिए गए हों तथा जिनके माता-पिता बहुत प्रयत्न करने पर भी न मिल सकें, उनका पालन-पोषण करता है, वह उनका कृत्रिम पुत्र माना जाता है।
Bhishma said - Yudhishthir! The one who brings up a child who has been abandoned by his parents on the road and whose parents cannot be found even after a lot of efforts, is considered to be their artificial son.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥