Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.51.16: प्रजानाथ! यदि पुत्र की इच्छा रखने वाला पुरुष पुत्र प्राप्ति के लिए गर्भवती कन्या को पत्नी के रूप में स्वीकार करता है, तो उसका क्षेत्रज पुत्र उस पति का माना जाता है, जिसने उससे विवाह किया है। गर्भ धारण करने वाले का उस पर कोई अधिकार नहीं होता॥16॥ | mahabharat अध्याय 13.51: नाना प्रकारके पुत्रोंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रजानाथ! यदि पुत्र की इच्छा रखने वाला पुरुष पुत्र प्राप्ति के लिए गर्भवती कन्या को पत्नी के रूप में स्वीकार करता है, तो उसका क्षेत्रज पुत्र उस पति का माना जाता है, जिसने उससे विवाह किया है। गर्भ धारण करने वाले का उस पर कोई अधिकार नहीं होता॥16॥
Prajanath! If a man who desires a son accepts a pregnant girl as his wife for the sake of having a son, then his Kshetraj son is considered to be of the husband who is marrying her. The one who conceived the child has no right over it.॥ 16॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥