Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.50.37: चाहे मूर्ख हो या विद्वान, स्त्रियाँ काम और क्रोध के वशीभूत मनुष्य को अवश्य ही गलत मार्ग पर ले जाती हैं। 37.   |   mahabharat अध्याय 13.50: वर्णसंकर संतानोंकी उत्पत्तिका विस्तारसे वर्णन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 50: वर्णसंकर संतानोंकी उत्पत्तिका विस्तारसे वर्णन  »  श्लोक 37
 
 
श्लोक  13.50.37 
अविद्वांसमलं लोके विद्वांसमपि वा पुन:।
नयन्ति ह्यपथं नार्य: कामक्रोधवशानुगम्॥ ३७॥
 
 
अनुवाद
चाहे मूर्ख हो या विद्वान, स्त्रियाँ काम और क्रोध के वशीभूत मनुष्य को अवश्य ही गलत मार्ग पर ले जाती हैं। 37.
 
Be it a fool or a learned person, women surely lead a man under the influence of lust and anger to the wrong path. 37.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)